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कांकेर।शहर के मुक्तिधाम में समूह की महिलाओं के द्वारा फूलों की खेती करने की तैयारी की जा रही है।इसके लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य शुरू हो गया है और जल्द ही मुक्तिधाम फूलों की खुशबू से महकेगा।अन्नपूर्णापारा के मुक्तिधाम में प्रेरणा क्षेत्र स्तरीय समिति (फेडरेशन) द्वारा फूलों की खेती करने की योजना तैयार की गई है।जिसमें महिला समूह को नगरपालिका व एनजीओ का सहयोग मिल रहा है।फूलों की खेती करने के लिए नगरपालिका द्वारा मुक्तिधाम में समूह की भूमि उपलब्ध कराई जा रही है।प्रेरणा फेडरेशन की अध्यक्ष हेमलता मरकाम ने बताया कि-महिला समूह को आत्म निर्भर बनाने के लिए मुक्तिधाम में फूलों की खेती करेंगी।साथ ही हल्दी और अदरक की खेती भी की जाएगी।उन्होंने बताया कि-इस कार्य से समूह की जितनी महिलाएं जुड़ना चाहती है,सभी जुड़ सकती है।इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और उन्हें स्वरोजगार प्राप्त होगा।

समूह को मिलेगा स्वरोजगार

प्रथम चरण में डेढ़ एकड़ भूमि पर खेती करने की योजना बनी है।अभी नाली और फिल्टर गड्ढा को तैयार कराया जा रहा है।महिला समूह इस खेती से होने वाली आय को आपस में बांट लेंगी। बाजार में फूल,हल्दी और अदरक को समूह की महिलाएं ही विक्रय करेंगी।पहली बार गेंदा का फूल तैयार किया जाएगा।पुष्प की खेती की पूरी तैयारी समूह की महिलाओं ने पूरी कर ली है।फूलों की खेती में कंपोस्ट खाद का प्रयोग किया जाएगा।जिसके लिए प्रथम चरण में मोहल्ले के गीला कचरा को एकत्र किया जा रहा है।इस कचरा से कम्पोस्ट खाद तैयार होगी।इस खाद का उपयोग महिला समूह अन्नपूर्णापारा में पुष्प की खेती में उपयोग करेंगी।


गंदे पानी को फिल्टर कर उपयोग में लाया जाएगा

वर्तमान में अन्नपूर्णापारा,सुभाष वार्ड व गंगानगर से निकलने वाला गंदा पानी दूध नदी में जाता है। लेकिन अब इस गंदे पानी को फिल्टर कर फूलों की खेती में सिंचाई के कार्य में लाया जाएगा। समूह की महिलाओं ने बताया कि-मोहल्ले का गंदा पानी नदी में जाता है या किसी डबरी में भरता है।जिससे गंदगी फैलती है।गंदगी के चलते लोगों को बीमारी होती है।गंदगी से बचने के साथ ही गंदा पानी के उपयोग के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है।प्रथम परीक्षण के तौर पर गंगानगर के नाली के पानी को मुक्तिधाम में लाया जाएगा।उक्त पानी को तीन अलग-अलग स्थानों पर फिल्टर किया जाएगा। गंदे पानी को फिल्टर करने के लिए तीन चरण का गड्ढा बनाया जा रहा है। इस गड्ढे के रेत व ईंट को डाला जाएगा।इस प्रकार तैयार फिल्टर से गंदा पानी छनकर दूसरे गड्ढे में जाएगा।दूसरे से तीसरे में उसी क्रम में पहुंचेगा।तीन चरणों में फिल्टर करने पर पानी पूरी तरह से साफ हो जाएगा।इस पानी का उपयोग हल्दी और पुष्प की खेती के लिए किया जाएगा।

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