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रायपुर|नये सिस्टम प्रारूप के तहत पूरे छ ग के 27 जिले से स्थानांतरित व सभी संगठन के शिक्षाकर्मी अपनी मांगों व समस्याओ के निराकरण हेतु राज्यपाल व मंत्रियों को ज्ञापन सौंपेंगे|इसमें 8 पेज का PDF लांच किया गया है|उन पेजों में विभिन मांगे भी हैं,जिसे प्रिंट कर,अपनी मांगों को सभी संगठन के शिक्षाकर्मी /शिक्षक प (एल.बी ) जिला या जनपद मुख्यालय को सौंपेंगे|इसके लिए 6-15 मार्च की तिथि का निर्धारण किया गया है|ये फैसला चुनाव प्रशिक्षण की तिथि में बदलाव के कारण किया गया है,ताकि प्रशिक्षण के दौरान जिला मुख्यालय में ज्ञापन सौपने में असुविधा न हो|यह भी कि पूरे प्रदेश में शिक्षाकर्मियों के कई अलग-अलग संगठन हैं और उन संगठनों के कारण कई संगठन उनकी मांगों को नजर अंदाज कर देते हैं|सिर्फ अपने लाभ के मांगों पर जिद में अडिग रहते हैं,जिससे अन्य शिक्षाकर्मियों में काफी नाराजगी रहती है ।वरिष्ठता स्थानांतरण के प्रांतीय संचालक व जिलाध्यक्ष धमतरी छ.ग.व्याख्याता प /एल बी संघ लालबहादुर साहू,रवि कुमार,लावण्यता वर्मा,रामचन्द्र साहू,शोभा तिवारी,सरिता शर्मा,निरंजन साहू,शशि सिंह,अरविंद साहू,कुसुमलता,परमानंद पटेल,सोमप्रकाश निषाद,ओमप्रकाश साहू,बादल गुप्ता के मुताबिक-राजपत्र का प्रकाशन जल्द होने वाला है|प्रकाशन के पश्चात नए नियम व दिशा निर्देश जल्द लागू होंगे,जिससे संविलियन हुए शिक्षाकर्मी के प्राचार्य व प्रधानपाठक में पदोन्नति हेतु रास्ते खुल जाएंगे,जिस पर पदोन्नति 20 वर्षों से पेंडिंग थी।इन मांगों को लेकर शिक्षण संचालनालय को अवगत कराया गया था,जब शिक्षा सचिव ने सभी संघों से शिक्षा विभाग और शिक्षाकर्मियों के नियमों में एकरूपता लाने सुझाव मांगी थी।प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता का प्रावधान करने ज्ञापन सौंप मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री व शिक्षामंत्री को भी अवगत कराया जा चुका है और मांगों पर उम्मीद भी है|आगे उन्होंने ज्ञापन प्रारूप संबंध में बताया कि-प्रारूप 8 के विभिन्न पेजों में नं-1 में निर्देश व तिथि और जिले का पत्र क्रमांक दिया गया है,जिसे उस जिले के ज्ञापन सौंपते समय डाला जाएगा,जो सिर्फ प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता चाहते हैं|पेज-02 या 03 को प्रिंट कर ज्ञापन सौंपा जाएगा,जो शिक्षाकर्मी साथी अन्य मांग चाहते हैं-पेज-04 और 05 को प्रिंट कर सौंपेंगे।यह ज्ञापन हर कोई सामान्य शिक्षाकर्मी आसानी से सौंप सकता है|अब राज्य सरकार वरिष्ठता हेतु क्या फैसले लेती है,यह देखना होगा|इंतजार में बैठे राज्यभर के स्थानांतरित शि.प/एल.बी.को हाईकोर्ट में याचिका दायर करने राज्य सरकार मजबूर तो नहीं करती है या स्थानांतरित लगभग 27000 शि.प/एल.बी.को खुश करती है!

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